वाराणसी में लक्सा थाना क्षेत्र के निवासी व फरार आरोपी अमित सेठ के घर पुलिस ने धारा 82 का नोटिस चस्पा किया है। पुलिस ने अमित सेठ के घर और दुकान में मुनादी कराकर आरोपी को एक माह के भीतर पुलिस या फिर कोर्ट में आत्म समर्पण करने का संदेश दिया है। आरोपी अमित सेठ के खिलाफ वर्ष-2023 में वाराणसी कमिश्नरेट के थाना कैंट में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इसमें अमित सेठ फरार चल रहा है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस गुरुवार को आरोपी के घर और दुकान पर पहुंची थी। आत्म समर्पण न करने की स्थिति में कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
वही इस संबंध में पुलिस ने बताया कि थाना कैंट पर पंजीकृत मुकदमा 420, 406, 504, 506, और 352 के अभियुक्त अमित सेठ पुत्र बलराम प्रसाद के विरुध्द माननीय न्यायालय मुख्य मजिस्ट्रेट के द्बारा कई बार वारंट जारी किया जा चुका हैं। उक्त अभियुक्त के घर पर दबिश दी जा चुकी हैं परंतु अमित सेठ फरार चल रहा हैं। इस कारण माननीय न्यायालय द्बारा दिनांक 27 सितंबर नीयत तिथि से पहले उक्त अभियुक्त के निवास स्थल पर उद्घोषणा कुर्की से पूर्व होने वाली कार्रवाई के संबंध में पोर्सेस जारी किया हैं। जिसका तामिला निरीक्षक थाना कैंट मय हमराह व फेण्टम सतरह थाना लक्सा के कर्मचारियों के द्बारा आज दिनांक 19.9.2024 को कराया गया।
जानकारी के मुताबिक़ पीड़ित शिवांक केशरी ने दिनांक 23 नवंबर 2021 को हुण्डई एलाइट आई-20 कार को अमित सेठ से पाँच लाख में क्रय किया था। कार को अमित सेठ ने एचडीबी फाइनेनस कम्पनी से फाइनेंस करायी थी। अमित सेठ को रुपयो की आवश्यकता थी। अमित सेठ ने शिवांक केशरी से अनुरोध किया कि कार को पाँच लाख मे क्रय कर ले और पुरी किस्त जमा करने के उपरान्त वह शिवांक केशरी के नाम से गाडी का रजिस्टेशन कर देगा। तब तक किस्त अदा करने की पुरी जिम्मेदारी उसकी होगी। मित्र होने एव बहन की शादी में रुपयो की शक्त आवश्यकता को देखते हुए शिवांक केशरी ने पाच लाख मे पुरी किस्त अदा करने व आर० सी० ट्रास्फर करने की शर्तों के साथ गाडी क्रय कर लिया। जिसके लिए शिवांक केशरी ने पच्चास हजार और अस्सी हजार बैक ट्रास्फर और नकद तीन लाख सत्तर हजार उसी दिन को ही अमित सेठ को दिया जिसके बाद अमित सेठ किस्त भरने में आना कानी करने लगा।
दरअसल शिवांक केशरी ने गाडी क्रय करते वक्त किस्त जमा करने की बतौर गारन्टी छःलाख का चेक अमित सेठ से ले लिया था। जिस कारण अमित सेठ दबाव व मजबूरी मे गाडी की किस्त जमा करने लगा लेकिन अमित सेठ की नियत खराब हो चुकि थी और तभी से अमित सेठ गाडी और पैसा दोनो हथियाने की योजना बानाने लगा। जिसके बाद अमित सेठ ने एडीबी फाइनेन्स कम्पनी में काम करने वाले कर्मचारी राजेश सिंह के साथ मिलकर खुद गाडी लेकर फरार होने की योजना बनायी। जिसके तहत एचडीबी मे काम करने वाले कथित कलेक्शन मैनेजर ने शिवांक केशरी उपर कार देने का दबाव वनाना शुरु कर दिया । राजेश सिंह ने शिवांक केशरी से कहा कि तुम्हारी कार सीज होगी क्योकि कम्पनी में पांच महिने की किस्त जमा नही हुई है जबकि किस्त तीन महीनो से जमा नही हो रही थी।
राजेश सिंह ने लगतार अभद्र शब्दो का प्रयोग एवं शिवांक केशरी के घर पर अपने आदमियो को भेजकर धमकी देने लगा। जिसके बाद शिवांक केशरी ने राजेश सिंह की बात को मानकर अपनी हुण्डई कार को एचडीबी फाइनेन्स कम्पनी मे ले गया तथा सीज किये जाने की पर्ची मांगी तब राजेश सिंह ने कहा कि इसमे समय लगेगा। तब शिवांक केशरी ने कम्पनी के बाहर खड़ी कार की चाभी राजेश सिंह को सौंप दी। जिसके बाद राजेश सिंह ने शिवांक केशरी की कार अमित सेठ को दे दिया और वह कार लेकर फरार हो गया।
शिवांक केशरी को जब अपने साथ हुई धोखाधडी व अमित सेठ के गाडी लेकर फरार हुए जाने की जानकारी हुई तो शिवांक केशरी अमित सेठ के घर गए। तब अमित सेठ गाली गलौज करते हुअ बोला की मेरे पास गाडी नही है होती तो भी नही देता जाओ जो करना है कर लो पुलिस भी मेरा कुछ नहीं बिगाड सकती मैं पुलिस को अपनी जेब में रखता हूं। इस दौरान अमित सेठ ने 10-12 लोगो को और बुला लिया और मां बहन की भद्दी-भद्दी गालिया देते हुए शिवांक केशरी के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी दी।